1. अगर थे थांका बाळकां नअ उपहार देबो चावअ छो, तो वांको होंसलो बडावो। – ब्रूस बार्टन

 

2. अगर थे दुखी हअबो चार्या छ, तो दनियां मअ कोई बी थानअ राजी न कर सकअ, अगर थे राजी रअबा को मन बणा ले, तो ईं धरती पअ कोई बी थानअ दुखी न कर सकअ। – परमहंस योगानंद

 

3. अगर थानअ सांच देखणो छ, तो न गलत अर न सई मअ राई रांखो। – ओपरा विनफ्रे

 

4. अगर कस्या बी तरीका सूं कोई बी दूसरो तरीको सई छ, तो थे पक्‍का वादा कअ साथ खअ सकअ छ, कि वो परकरती को तरीको छ। – अरस्तु

 

5. अगर थे कोई बी चीज नअ कोन चावअ, तो ऊनअ बदलद्‌यो अर थे ऊनअ बदल न सकअ तो अपणो तोर तरिको बदलद्‌यो। – माया एंजिलो

 

6. अगर धन दूसरां की भलाई मअ काम आवअ छ, जद तो धन की कदर छ, नईं तो वो बना काम को ढेर छ, ईंसूं जतरो हअ सकअ बेगोई ईनअ छोडबा मअ फायदो छ। – स्वामी विवेकानन्द

 

7. चोखी सोच अर बच्यार सूं आदमी बडो बण सकअ छ। – भगवान महावीर

 

8. बडिया आदमी रूस जावअ, तो परेम सूं ऊनअ सो बार मना लेणो चाईजे, मोत्यां की माळा कतरी बी बार टूटज्या, तो आपां ऊनअ फेर बणाल्यां छां। – कबीर

 

9. अणपड रअबो अतरी सरम की बात कोनअ, जतरी कि सीखबा की मनमअ न रांखअ। – बेंजामिन फ्रैंकलिन

 

10. खुद का दुख नअ सेबो अर दूसरां नअ दुख न देबो, याई तो तपस्या छ। – संत तिरुवल्लुवर

 

11. अपणा-आप नअ सान्ति मलगी तो ऊनअ सारो संसार सान्ति मअ दीखअ छ। –योग वशिष्ट

 

12. मोखो न मल्यो तो हुंस्यार हअबा सूं कांईं मतलब छ। – नेपोलियन बोनापार्ट

 

13. हारबाळा आदम्यां मअ नन्याणम परतिसत वअ आदमी छ, ज्यांकी आदत बाईना बणाबा की हअ छ। – जॉर्ज वाशिंगटन कार्वर

 

14. आजादी नअ बचाबो फोज्यां को ई काम कोनअ, पूरा देस नअ मजबूत हअणो पड़अलो। – लाल बहादुर शास्त्री

 

15. आपां एक ई बार जीवां छां, पण सई ढंग सूं जी लिया तो एक ई बार खूब छ। – में वेस्ट

 

16. थांका बच्यार ई थांका नसीब नअ बणावअ छ। – डेविड ओ. मैके

 

17. थानअ सोचणो ईं छ, तो फेर बडो सोचो। – डोनाल्ड ट्रम्प

 

18. आसा एक असी मुवाळ छ जे बना फूलां कअ सअद बणाले छ। – राबर्ट ग्रीन इन्गेर्सोल्‍ल

 

19. बा’ठ मत न्हाळो, सई टेम कद्‌यां बी कोन आवअ। – नेपोलियन हिल

 

20. ईं जगत नअ चोखा आदम्यां की जुरत छ, जस्यान छाजळो चोखा नाज नअ बचाले अर बरा नअ उडादे। – कबीर दास

 

21. सपना नअ सांचा करबा बेई, थानअ सपना देखणो पड़अलो। – अब्दुल कलाम

 

22. ऊं आदमी को काम सई हअ छ, जे टेम का स्याब सूं काम करअ छ। – वृन्द

 

23. एक समजदार आदमी का सुवाल मअ बी आदो जुवाब रअछ। – सोलोमन इब्‍न गैबिरोल

 

24. बूंद-बूंद सूं घड़ो भरज्या छ। – लाल बहादूर शास्त्री

 

25. एक सांचो बायेलो वो छ जे ऊं टेम थांकन छ, जीं टेम ऊनअ दूसरी ठोर पअ हअणो चाईजे। – लेन वेन