जग मै है पेसे का नाता
यारी अर असनाईं छूटै, ईं पीसां का चक्कर मै।
भाई का दुसमन भाई बणज्या, ईं पीसां का चक्कर मै।
गवाई अपणा ब्यान पलट दे, ईं पीसां का चक्कर मै।
घर की लुगाई टेडी चालै, ईं पीसां का चक्कर मै।
छोरा-छोरी रैवै कुंवारा, ईं पीसां का चक्कर मै॥
- आगै ओर पडो
- थाँकी राय द्यो





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अबार की राय